Shayari
उसकी मोहब्बत के उतार-चढ़ाव में उलझे रहे यह समझने की कोशिश करते रहे कितना प्यार करती है और कितना गुस्सा तराजू में तोलने का जुगाड़ लगाते रहे
जिंदगी के हर मोड़ पर कुछ नया सीखा है जिससे आत्मविश्वास मजबूत होता गया कार्यकुशलता की बारीकियों से रूबरू हो गया हूं
जबसे तुम मुझे प्यार करने लगी हो मेरे चेहरे पर मुस्कान रहने लगी है हर कमी दूर हो गई है ख्वाब हकीकत में बदलने लगे हैं
